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भ्रामक ORS पैकेटों पर कार्रवाई: स्वास्थ्य विभाग का बड़े स्तर पर रिकॉल अभियान शुरू

ORS के नाम पर धोखाधड़ी! दवा दुकानों में चल रहा विशेष निरीक्षण अभियान

PNS Bureau भुवनेश्वर, 3 दिसंबर :- जनसाधारण के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने दवा दुकानों में बिक रहे भ्रमित करने वाले और भ्रामक छपाई वाले ओ.आर.एस. पैकेटों की पहचान करने तथा उन्हें वापस लेने (रिकॉल) का अभियान शुरू किया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए ड्रग्स कंट्रोलर मामीना पटनायक ने कहा,
“ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट (ORS) और अन्य तरल पेय पदार्थ विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित फॉर्मूले के अनुसार तैयार होना आवश्यक है। ये उत्पाद लाइसेंस प्राप्त निर्माताओं द्वारा बनाए जाते हैं और आमतौर पर दवा दुकानों में बेचे जाते हैं। वर्तमान में बाजार में कुछ तरल पेय पैकेट ORS/इलेक्ट्रोलाइट के नाम पर भ्रामक छपाई के साथ बेचे जा रहे हैं। ये डिहाइड्रेशन प्रबंधन के लिए उपयुक्त नहीं हैं। अधिकांशतः ये FSSAI प्रमाणन के साथ बिकते हैं, जो चिकित्सीय डिहाइड्रेशन उपचार के लिए मान्य नहीं है।”

ड्रग्स कंट्रोल निदेशालय के अधिकारियों ने पिछले दो सप्ताह से इन भ्रामक पैकेटों की पहचान कर उन्हें दवा दुकानों से वापस लेने के लिए विशेष अभियान चलाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक विभिन्न कंपनियों के लगभग 7.92 लाख भ्रामक पैकेट दवा दुकानों से रिकॉल किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये है।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी दवा डीलरों और खुदरा विक्रेताओं को चेतावनी दी गई है कि वे ऐसे भ्रामक पैकेट दवा दुकानों में न रखें और न ही उनकी बिक्री करें।(PNS)

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