“प्रधानमंत्री की कौशल आधारित शिक्षा दृष्टि को आगे बढ़ाता NESTS का Tribal Art Exhibition”

🔸 NESTS ने शुरू किया तीन दिवसीय “GI Tagged Tribal Art Workshop & Exhibition” — जनजातीय छात्र दिखा रहे हैं भारत की जीवंत विरासत
PNS Bureau, 24 नवंबर 2025।
जनजातीय मामलों के मंत्रालय के तहत नेशनल एजुकेशन सोसाइटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स (NESTS) ने आज नई दिल्ली में तीन दिवसीय “GI Tagged Tribal Art Workshop & Exhibition – Cultural Extravaganza” की शुरुआत की।
📅 24–26 नवंबर 2025 तक आयोजित यह कार्यक्रम देशभर के 139 EMRS छात्रों, 34 आर्ट एवं संगीत शिक्षकों और 10 मास्टर आर्टिज़न्स को एक मंच पर ला रहा है, जो GI-टैग्ड जनजातीय कला रूपों के संरक्षण और प्रसार का संदेश दे रहे हैं।
🔆 उद्घाटन समारोह
- दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
- स्वागत भाषण: श्री विपिन कुमार, संयुक्त आयुक्त (Admin), NESTS
- विशेष संबोधन: प्रो. अनिल कुमार, HoD, IGNCA
- संबोधन:
✔️ श्री बिपिन रतूरी – संयुक्त आयुक्त (Civil)
✔️ श्री प्रशांत मीना – अतिरिक्त आयुक्त - औपचारिक उद्घाटन: श्री अजीत कुमार श्रीवास्तव, आयुक्त, NESTS
- धन्यवाद ज्ञापन: डॉ. रश्मि चौधरी, सहायक आयुक्त (Academic)

🎭 EMRS छात्रों की सांस्कृतिक झलकियाँ
• धीमसा नृत्य (ओडिशा)
• जौंसारी नृत्य (उत्तराखंड)
• मिज़ो फोक डांस (मिज़ोरम)
• फोक वोकल सोलो (दादरा एवं नगर हवेली)
• देशभक्ति गीत (मध्य प्रदेश)
👉 प्रस्तुतियों ने “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना को जीवंत कर दिया।
🎨 GI-टैग्ड कला में प्रायोगिक प्रशिक्षण
GI विशेषज्ञ श्वेता मेनन (Truly Tribal) द्वारा लाइव सत्र में छात्रों को इन पारंपरिक कला रूपों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है:
गोंड, वारली, मधुबनी, पिठोरा, चेरियल, रोगन, कलमकारी, पिछवाई, ऐपन, रंगवाली पिछोरा, कांगड़ा, बशोली, मैसूर पेंटिंग्स, बस्तर ढोकरा एवं कच्छी कढ़ाई।
📌 प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप पहल
कार्यक्रम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कौशल आधारित एवं संस्कृति-संलग्न शिक्षा की सोच को मूर्त रूप देता है। यह पहल जनजातीय छात्रों को कलाकार-उद्यमी बनाने की ओर बड़ा कदम है।
📢 सार्वजनिक प्रदर्शन एवं बिक्री
🖼️ GI टैग्ड कला प्रदर्शनी-सह-बिक्री और लाइव वर्कशॉप
📍 प्रतिदिन सुबह 09:30 से शाम 04:00 बजे तक खुली
📆 24–26 नवंबर 2025
👉 विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और कला प्रेमियों को आमंत्रित किया गया है।
🌱 सांस्कृतिक रूप से जुड़ी शिक्षा से समग्र विकास
EMRS शिक्षा मॉडल आदिवासी बच्चों में आत्मविश्वास, पहचान, उद्यमिता और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देता है।
- “कला से आत्मनिर्भरता की ओर कदम — तीन दिवसीय Tribal Cultural Extravaganza की शुरुआत”
- “EMRS छात्रों ने पेश की देश की जीवंत विरासत – GI Tribal Art Workshop का शुभारंभ”
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