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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का बड़ा फैसला: चावल मिलिंग शुल्क दोगुना, किसानों से धान खरीद होगी और सुचारु

PNS,भुवनेश्वर, 6 जून। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य में धान संग्रहण प्रक्रिया को और अधिक सुचारु बनाने के उद्देश्य से चावल मिलिंग शुल्क में महत्वपूर्ण वृद्धि को मंजूरी दी है। इस निर्णय से राइस मिलर्स की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने के साथ-साथ किसानों से धान खरीद प्रक्रिया में भी तेजी आने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री के निर्णय के अनुसार उसना (पारबॉयल्ड) चावल की मिलिंग दर को 20 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इसी प्रकार अरुआ (रॉ) चावल की मिलिंग दर 10 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 20 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है।

राज्य सरकार का मानना है कि मिलिंग शुल्क में वृद्धि से राइस मिलर्स को बढ़ती लागत से राहत मिलेगी और किसानों से धान संग्रहण कार्य बिना किसी बाधा के जारी रहेगा। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली और राज्य की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था भी अधिक मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस कदम से मिलर्स की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान होगा तथा किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ वर्षों में श्रमिक मजदूरी, पेट्रोल-डीजल, परिवहन तथा मिलिंग से जुड़ी अन्य आवश्यक सामग्रियों की लागत में लगातार वृद्धि हुई है। वहीं, देश के कई अन्य राज्यों में मिलिंग शुल्क ओडिशा की तुलना में काफी अधिक है। ऐसे में राज्य सरकार का यह निर्णय कृषि और खाद्य आपूर्ति तंत्र को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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