ओडिशा और जापान के तोत्तोरी प्रांत के बीच मैत्री समझौते पर चर्चा, आर्थिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

PNS,भुवनेश्वर, 5 जून। ओडिशा सरकार और जापान के तोत्तोरी प्रांत के बीच प्रस्तावित मैत्री समझौते (फ्रेंडशिप एग्रीमेंट) को लेकर शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों पक्षों ने दीर्घकालिक सहयोग और आपसी संबंधों को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में आर्थिक सहयोग, पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, छात्र एवं युवा विनिमय, मानव संसाधन विकास तथा कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और सुदृढ़ बनाने के लिए तोत्तोरी सरकार द्वारा प्रस्तावित मैत्री समझौते के मसौदे पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक की शुरुआत में ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग और तोत्तोरी प्रांत के मुख्य सचिव एंडो तोशिकी ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए दोनों क्षेत्रों के बीच सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। बैठक में तोत्तोरी सरकार के पर्यटन एवं अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान ब्यूरो, व्यापार एवं लॉजिस्टिक्स विभाग, अंतरराष्ट्रीय संबंध समन्वयक तथा जापान स्थित भारतीय दूतावास के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
लोक सेवा भवन में आयोजित इस बैठक में राज्य सरकार की ओर से गृह, उद्योग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, खेल एवं युवा सेवा, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारी, आईपीआईसीओएल के प्रबंध निदेशक तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। पर्यटन तथा एमएसएमई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
बैठक में तोत्तोरी प्रांत के प्रतिनिधिमंडल की आगामी ओडिशा यात्रा पर भी चर्चा हुई। जानकारी दी गई कि जुलाई 2026 में तोत्तोरी सरकार का एक कार्यस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ओडिशा का दौरा करेगा, जबकि नवंबर में तोत्तोरी के राज्यपाल के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल राज्य का दौरा करेगा।
प्रस्तावित मैत्री समझौते के माध्यम से दोनों क्षेत्रों के बीच सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार, शिक्षा, कौशल विकास, पर्यटन संवर्धन और जन-से-जन संपर्क को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे निवेश, रोजगार और सांस्कृतिक संबंधों के नए अवसर भी खुलेंगे।
उल्लेखनीय है कि गत 20 मई को कोलकाता स्थित जापान के महावाणिज्य दूत ने ओडिशा का दौरा कर मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी और इस प्रस्तावित समझौते पर चर्चा की थी। इसके बाद 21 मई को उन्होंने मुख्य सचिव के साथ भी इस विषय पर विस्तृत बैठक की थी।




