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धरती आबा — जनजाति उत्थान अभियान हिमाचल प्रदेश में

 

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PNS Bureau: 10 दिसम्बर 2025—

अभियान क्या है

Dharti Aaba Janjati Gram Utkarsh Abhiyan (DAJGUA) राष्ट्रीय स्तर का एक प्रमुख समन्वय-आधारित पहल है, जिसे Ministry of Tribal Affairs (मन tribal affairs) चला रहा है। इसका उद्देश्य देश के आदिवासी समुदायों के लिए समग्र विकास — आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवनोपार्जन आदि सुनिश्चित करना है।

यह अभियान 25 हस्तक्षेपों के माध्यम से, 17 मंत्रालयों के सहयोग से चलाया जा रहा है। अब तक 63,843 गाँवों में इंफ्रास्ट्रक्चर गैप्स को पाटने, स्वास्थ्य, शिक्षा, आंगनवाड़ी सुविधाओं तक पहुँच बढ़ाने, तथा आजीविका सृजन को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।


🎯 हिमाचल प्रदेश में क्या है खास

  • हिमाचल प्रदेश में 10 जिलों, 26 ब्लॉकों और 270 जनजातीय बहुल गांवों को प्राथमिकता दी गई है।
  • इन गांवों में आवास, सड़क–कनेक्टिविटी, पीने का पानी, बिजली, एलपीजी कनेक्शन, आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूल, एवं टेलीफोन जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करना इस योजना का उद्देश्य है।
  • 2024-25 एवं 2025-26 में इस योजना के तहत कुल ₹ 15.59 करोड़ का बजट पहले आवंटित हो चुका है; और वर्तमान वर्ष (2025-26) में ₹ 1.90 करोड़ राशि जारी की गई है।
  • हिमाचल प्रदेश में जिन आदिवासी समुदायों को लाभ होगा, उनमें शामिल हैं: भोट, बौध, गड्डी, गुज्जर, ज़ाद, लम्बा, खाम्पा, किन्नोर, किन्नारा, लाहौला, पांगवाला, स्वांगला, बेटा, बेड़ा, डोम्बा, गारा, ज़ोबा आदि।

📢 जागरूकता और भागीदारी

इस अभियान को लेकर व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियाँ (IEC campaigns), “धर्ती-आबा जनभागीदारी अभियान”, “आदि कर्मयोगी अभियान”, “जनजातीय गौरव वर्ष” एवं “जनजातीय गौरव दिवस” जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही, विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन भी हुआ है — विशेष रूप से उस अवधि में जिसमें Bhagwan Birsa Munda की 150वीं जयंती मनाई जा रही है (15 नवम्बर 2024 – 15 नवम्बर 2025)।


📰 निष्कर्ष / आगे की जानकारी

इस प्रकार, DAJGUA योजना हिमाचल प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करने, जीवन स्तर सुधारने और समावेशी विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

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