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जनजातीय अधिकारों की सुरक्षा और बुनियादी सेवाओं तक पहुंच पर सरकार का बड़ा फोकस

PM-JANMAN और DA-JGUA जैसी योजनाओं से जनजातीय विकास को मिली नई गति

नई दिल्ली, 01 अप्रैल 2026:
केंद्र सरकार ने अनुसूचित जनजातियों (ST) के समग्र विकास, अधिकारों की सुरक्षा और बुनियादी सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बहु-आयामी पहलें तेज कर दी हैं। इस संबंध में राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय (MoTA), जो ST समुदायों के विकास हेतु नोडल मंत्रालय है, विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में व्यापक कार्य कर रहा है।

PM-JANMAN: विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए बड़ा कदम

प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) एक परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य 18 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में 75 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) का समग्र विकास करना है।

  • कुल बजट: ₹24,104 करोड़
  • अवधि: 3 वर्ष
  • फोकस क्षेत्र:
    • सुरक्षित आवास
    • स्वच्छ पेयजल
    • शिक्षा और स्वास्थ्य
    • पोषण और आजीविका
    • सड़क एवं बिजली सुविधा

DA-JGUA: 63,000 से अधिक जनजातीय गांवों का समग्र विकास

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA) एक बहु-क्षेत्रीय पहल है, जिसमें 17 मंत्रालयों की 25 योजनाओं का समन्वय किया गया है।
इस योजना का उद्देश्य 63,000 से अधिक जनजातीय बहुल गांवों में बुनियादी सेवाओं का संतृप्तिकरण करना है। प्रमुख फोकस क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • आवास और स्वच्छ पेयजल
  • स्वच्छता एवं स्वास्थ्य सेवाएं
  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पोषण
  • बिजली एवं नवीकरणीय ऊर्जा
  • सड़क और दूरसंचार कनेक्टिविटी
  • सतत आजीविका

कानूनी सुरक्षा और शिकायत निवारण तंत्र मजबूत

सरकार ने जनजातीय अधिकारों की सुरक्षा के लिए बहु-स्तरीय कानूनी ढांचा विकसित किया है।

  • SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989
  • व्हिसल ब्लोअर्स प्रोटेक्शन एक्ट, 2014
  • वन अधिकार अधिनियम, 2006

इसके साथ ही, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) का ‘संवाद’ कार्यक्रम (अप्रैल 2025) न्याय तक पहुंच को सुदृढ़ कर रहा है।

पारदर्शी व्यवस्था और सामाजिक भागीदारी

सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कई तंत्र स्थापित किए हैं:

  • सूचना का अधिकार (RTI)
  • CPGRAMS (ऑनलाइन शिकायत प्रणाली)
  • ग्राम सभा आधारित सामाजिक अंकेक्षण

अन्य प्रमुख योजनाएं

जनजातीय विकास के लिए मंत्रालय कई अन्य योजनाएं भी संचालित कर रहा है, जिनमें शामिल हैं:

  • प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (PMJVM) – वन उत्पादों के विपणन और आजीविका को बढ़ावा
  • प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति – शिक्षा को प्रोत्साहन
  • ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट (TRI) सहायता योजना
  • एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) – गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता

सरकार ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 46 के तहत समानता, भेदभाव निषेध और सकारात्मक कार्रवाई के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, भारत समावेशी विकास, जनजातीय अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है।  (PNS Bureau)

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