ब्रेकिंग
चमेली ओड़ा को न्याय दिलाने की मांग पर 17 जून को केंद्रापाड़ा जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेगा यु... विश्व पर्यावरण दिवस पर IWWA ओडिशा सेंटर का वृक्षारोपण अभियान, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का बड़ा फैसला: चावल मिलिंग शुल्क दोगुना, किसानों से धान खरीद होगी और सुचार... ओडिशा और जापान के तोत्तोरी प्रांत के बीच मैत्री समझौते पर चर्चा, आर्थिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को मिले... नीट (यूजी) 2026 पुनर्परीक्षा की तैयारियों की मुख्य सचिव ने की समीक्षा, जिलाधिकारियों को दिए आवश्यक न... इजरायली स्टार्टअप ‘शिफ्टर्स’ ने जुटाए 1.02 करोड़ डॉलर, एआई-संचालित स्वायत्त रोबोटिक टीमों के विकास क... ईएसआईसी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीबीएस, बीडीएस और बी.एससी. नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश ... अफ्रीका में इबोला से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता: दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामाफो... जापानी फ्रूट सैंडो बना रहा है गर्मियों को खास, स्वाद के साथ कला का अनोखा संगम कैंसर केवल शारीरिक नहीं, मानसिक और भावनात्मक चुनौती भी: मरीजों और देखभालकर्ताओं के लिए व्यापक सहयोग ...
ओड़िशामुख्य खबर

ओडिशा कैबिनेट का बड़ा फैसला: ‘मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना’ को मंजूरी

राज्य के करोड़ों लाभार्थियों को मिलेगा प्रति व्यक्ति 5 किलो अतिरिक्त मुफ्त चावल

भुवनेश्वर, 6 अप्रैल 2026: राज्य में खाद्य सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ओडिशा सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक नई योजना ‘मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना (MAPY)’ को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय राज्य कैबिनेट द्वारा लिया गया, जिसकी जानकारी माननीय मुख्यमंत्री ने दी।

इस योजना के तहत ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA)’ तथा ‘राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (SFSS)’ के अंतर्गत आने वाले सभी लाभार्थियों को उनके नियमित मासिक चावल कोटे के अतिरिक्त प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम चावल मुफ्त प्रदान किया जाएगा।

राज्य में वर्तमान में NFSA के तहत 97 लाख 97 हजार 572 परिवारों के 3 करोड़ 22 लाख 89 हजार 692 सदस्य लाभान्वित हो रहे हैं, जबकि SFSS के अंतर्गत 2 लाख 98 हजार 725 परिवारों के 5 लाख 62 हजार 737 सदस्य शामिल हैं। इस प्रकार दोनों योजनाओं के तहत कुल 1 करोड़ 96 हजार 297 परिवारों के 3 करोड़ 28 लाख 52 हजार 429 सदस्य इस नई योजना का लाभ प्राप्त करेंगे।

इस योजना के कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रतिमाह औसतन 1.64 लाख मीट्रिक टन तथा वार्षिक रूप से लगभग 19.71 लाख मीट्रिक टन चावल का वितरण किया जाएगा।

वित्तीय प्रावधान के तहत इस योजना पर प्रतिमाह लगभग 734 करोड़ रुपये तथा वार्षिक रूप से 8,813 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसे कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।

सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य में खाद्य सुरक्षा प्रणाली और अधिक मजबूत होगी तथा गरीब और जरूरतमंद वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी।(PNS)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button