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मध्यप्रदेश

देवास में मातम: गश्त के दौरान अरुणाचल में शहीद हुआ सपूत, तीन दिन बाद मिला जवान का शव

देवास। देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए देवास जिले का एक और लाल मातृभूमि की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दे गया। टोंकखुर्द तहसील के संवरसी गांव निवासी नायक संजय मीणा अरुणाचल प्रदेश में हुए एक हादसे में शहीद हो गए। संजय मीणा भारतीय सेना में अपनी ड्यूटी निभाते हुए देश की रक्षा में समर्पित थे।

एक हादसे में गई संजय की जान

संजय की यूनिट वर्तमान में हरियाणा के अंबाला में पदस्थ थी। कुछ दिन पूर्व वह अपनी यूनिट के साथ अरुणाचल प्रदेश में अभ्यास (मिलिट्री ट्रेनिंग) के लिए गए हुए थे। वहां चार दिन पहले एक रैकी और गश्त (Patrolling) के दौरान दुखद हादसा हुआ। कठिन पहाड़ी इलाके में ड्यूटी के दौरान संजय मीणा एक गहराई में दब गए थे। सेना के जवानों ने लगातार तीन दिनों तक अथक प्रयास कर उन्हें बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें अंबाला यूनिट में वापस लाया गया, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

पूरे गांव में शोक की लहर

शुक्रवार को शहीद संजय मीणा का पार्थिव शरीर दिल्ली लाया गया। वहां से उसे इंदौर लाने की प्रक्रिया चल रही है। सेना सूत्रों के अनुसार पार्थिव शरीर शनिवार सुबह तक इंदौर पहुंचेगा, जिसके बाद सेना के वाहन से उसे गांव संवरसी लाया जाएगा। पूरे गांव में शोक की लहर है, वहीं शहीद के अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों के लोगों का जमावड़ा लगने की संभावना है।

सेना से सेवानिवृत्त हवलदार दिनेश सिंह चौहान ने बताया कि नायक संजय मीणा अपने कर्तव्य के प्रति हमेशा निष्ठावान और अनुशासित रहे। उनके परिवार की देशभक्ति की परंपरा भी उल्लेखनीय है, संजय के दो और भाई वर्तमान में भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे हैं। नायक संजय मीणा की शहादत ने पूरे जिले को गर्व और शोक के मिश्रित भाव से भर दिया है।

गांव में अंतिम संस्कार की तैयारी

गांव में अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं। जैसे ही पार्थिव देह पहुंचेगी, पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। संवरसी की मिट्टी एक बार फिर अपने एक सपूत के बलिदान की गवाही देगी, जिसने देश की रक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया।

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