✍️ शहरी नीति संवाद 2025 में ओडिशा ने भविष्य-तैयार शहरों की दृष्टि रखी

PNS Bureau, 27 नवंबर 2025:-
भारतीय मानव बस्तियों संस्थान (IIHS) द्वारा आयोजित Urban Policy Dialogues 2025 में ओडिशा सरकार के आवास एवं शहरी विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती उषा पड़्ही ने पैनलिस्ट के रूप में भाग लिया। यह मंच देश में शहरी विकास नीति और भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
🌆 “Addressing Urban India’s Brewing Stranded Asset Crisis” सत्र में प्रमुख विचार
श्रीमती पड़्ही ने कहा कि शहरी नियोजन सतत, जलवायु-लचीला और नागरिक-केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि:
“शहर सिर्फ भौतिक ढांचे नहीं हैं — यह लोगों, सपनों और अवसरों के जीवंत इकोसिस्टम हैं। हमारी योजना ऐसी होनी चाहिए जो भविष्य के लिए तैयार हो, जलवायु के प्रति संवेदनशील हो और हर नागरिक को गरिमा व जीवन गुणवत्ता प्रदान करे।”
🔎 अहम मुद्दे जिन पर बल दिया गया:
- शहरी निवेश भविष्य-उन्मुख और सामाजिक रूप से समावेशी होना चाहिए
- विकास योजनाएँ जनसांख्यिकीय एवं पर्यावरणीय बदलावों को सहन करने योग्य हों
- प्रौद्योगिकी-आधारित, सुधारोन्मुख और समुदाय-साझेदारी वाले मॉडल पर ओडिशा का ध्यान
🔰 बेंगलुरु में रणनीतिक चर्चा
श्रीमती पड़्ही ने ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के मुख्य आयुक्त के साथ तेज़ी से विकसित हो रहे महानगरीय क्षेत्रों में:
- बेहतर शासन संरचना
- संस्थागत क्षमता निर्माण
पर विस्तृत चर्चा की।
उन्होंने कहा कि शहरों को आर्थिक इंजन, नवाचार केंद्र और समानता-आधारित विकास स्थल के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है।
🌿 ओडिशा सरकार की प्रतिबद्धता
ओडिशा सतत शहरी विकास, बेहतर रहने योग्य परिवेश और सुधार-आधारित नीतियों के प्रति प्रतिबद्ध है। राज्य तकनीक-सक्षम, जनता के साथ साझेदारी पर आधारित विकास मॉडल को बढ़ावा दे रहा है।
➡️ निष्कर्ष:
ओडिशा का दृष्टिकोण स्पष्ट है — ऐसे शहरों का निर्माण करना जो लोगों को सशक्त बनाएं, जहाँ गरिमा, अवसर और सतत शहरी भविष्य केंद्र में हों।
📍 “भविष्य के शहर आज की दूरदर्शिता से बनते हैं” — यही संदेश ओडिशा ने राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी रूप से रखा। (PNS)




