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विकसित भारत की ओर जनजातीय शासन में बड़ा सुधार: ITDA-ITDP सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय रोडमैप तैयार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन, 75 एकलव्य विद्यालयों में स्पेस लैब और सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण सुविधा राष्ट्र को समर्पित

PNS, नई दिल्ली, 3 जून 2026। जनजातीय कार्य मंत्रालय ने आज विज्ञान भवन, नई दिल्ली में एकीकृत जनजातीय विकास अभिकरणों एवं परियोजनाओं (ITDAs/ITDPs) को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन में देशभर के परियोजना अधिकारियों, राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और जनजातीय क्षेत्रों में अंतिम छोर तक विकास योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुधारों पर विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम का उद्घाटन भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने किया। इस अवसर पर उन्होंने जनजातीय गौरव उत्सव 2026 के अंतर्गत तीन महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ किया—

  • भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु में सेमीकंडक्टर माइक्रोफैब्रिकेशन ट्रेनिंग फैब
  • देश के 75 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) में स्पेस लैब
  • जनभागीदारी अभियान पर आधारित लघु फिल्म “सबसे दूर, सबसे पहले”

जनजातीय विकास में अभूतपूर्व उपलब्धियां

पिछले 12 वर्षों में जनजातीय विकास के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक पहलें की गई हैं। वर्तमान में देशभर में 499 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय संचालित हैं। वहीं जनजातीय छात्रों को छात्रवृत्ति के रूप में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की जा चुकी है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 30 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।

जनजातीय विकास की प्रमुख उपलब्धियां


75 एकलव्य विद्यालयों में स्थापित होंगी स्पेस लैब

जनजातीय छात्रों को विज्ञान, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे उभरते क्षेत्रों से जोड़ने के लिए 18 राज्यों के 75 EMRS विद्यालयों में स्पेस लैब स्थापित की जा रही हैं। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के CSR सहयोग से लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से करीब 50 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि देशभर में ऐसी और प्रयोगशालाएं स्थापित की जानी चाहिए ताकि जनजातीय युवाओं को आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक की शिक्षा उपलब्ध हो सके।


सेमीकंडक्टर क्षेत्र में जनजातीय युवाओं को मिलेगा नया अवसर

बेंगलुरु स्थित IISc के सेंटर फॉर नैनो साइंस एंड इंजीनियरिंग (CeNSE) में स्थापित प्रशिक्षण सुविधा भारत की पहली समर्पित सेमीकंडक्टर माइक्रोफैब्रिकेशन ट्रेनिंग फैब है। इसके माध्यम से छात्रों और पेशेवरों को अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा तथा देश के सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार किया जाएगा। इस परियोजना के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 4.7 करोड़ रुपये का योगदान दिया है।


ITDA व्यवस्था में होगा व्यापक सुधार

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री Jual Oram ने कहा कि अब समय आ गया है कि ITDA संस्थाओं के ढांचे, वित्तपोषण और जवाबदेही प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं। उन्होंने परियोजना अधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मियों के लिए विशेष क्षमता निर्माण ढांचा विकसित करने की घोषणा की, जिससे उन्हें डिजिटल प्रशासन, आधुनिक प्रबंधन और सुशासन संबंधी कौशल प्रदान किए जा सकें।


जनजातीय शासन के लिए राष्ट्रीय रोडमैप

सम्मेलन में जनजातीय विकास संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक रोडमैप प्रस्तुत किया गया। इसमें मानव संसाधन, वित्तीय प्रबंधन, तकनीकी निगरानी, योजनाओं के अभिसरण तथा सेवा वितरण को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया।

इसके साथ ही 214 ITDA इकाइयों के मूल्यांकन हेतु Evidence-Weighted ITDA Diagnostic Scoring Framework और पांच-स्तरीय ITDA Maturity Model भी प्रस्तुत किया गया।


90 लाख से अधिक जनजातीय नागरिकों तक पहुंचा जनभागीदारी अभियान

जनजातीय गौरव उत्सव के अंतर्गत आयोजित जनभागीदारी अभियान – सबसे दूर, सबसे पहले के दौरान देशभर में 57,000 से अधिक शिविर और आउटरीच गतिविधियां आयोजित की गईं। इस अभियान के माध्यम से 90 लाख से अधिक जनजातीय लाभार्थियों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की गई।

अभियान के तहत मनरेगा, आधार, आयुष्मान भारत, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, पेंशन योजनाएं तथा सिकल सेल रोग जांच जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं दूरदराज के जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचाई गईं।

मुख्य आकर्षण

  • राष्ट्रपति द्वारा तीन राष्ट्रीय पहलों का शुभारंभ
  • 75 EMRS में स्पेस लैब की स्थापना
  • सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण सुविधा का उद्घाटन
  • ITDA-ITDP सुदृढ़ीकरण हेतु राष्ट्रीय रोडमैप
  • 90 लाख से अधिक जनजातीय नागरिकों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच
  • विकसित भारत के लक्ष्य में जनजातीय समुदायों की भागीदारी पर जोर

“कमजोर संस्थाओं को मजबूत करना, सफल मॉडलों का विस्तार करना और जनजातीय विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही विकसित भारत का मार्ग है।” – राष्ट्रीय सम्मेलन का प्रमुख संदेश।

जनजातीय विकास की प्रमुख उपलब्धियां

जनजातीय कार्य मंत्रालय की प्रमुख पहलों का प्रभाव

category value
EMRS विद्यालय 499
छात्रवृत्ति राशि (₹ करोड़) 22,000
वार्षिक लाभार्थी छात्र 3,000,000
जनभागीदारी लाभार्थी 9,000,000

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