1 अप्रैल 2026 -डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली
जनजातीय शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एनईएसटीएस का महत्वपूर्ण योगदान, मेधावी छात्रों को किया जाएगा सम्मानित

नई दिल्ली, 31 मार्च 2026
जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत स्वायत्त संगठन नेशनल एजुकेशन सोसाइटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स (NESTS) 1 अप्रैल 2026 को अपना 8वां स्थापना दिवस डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में मनाने जा रहा है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, एनईएसटीएस देशभर में जनजातीय समुदायों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु निरंतर कार्यरत है। इसका मुख्य उद्देश्य एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) की स्थापना, संचालन एवं प्रबंधन के माध्यम से जनजातीय छात्रों को समग्र शिक्षा उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुअल ओराम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री फग्गन सिंह कुलस्ते तथा जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव श्रीमती रंजना चोपड़ा विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। इसके अतिरिक्त अनेक माननीय सांसद भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान गणमान्य अतिथियों के संबोधन के साथ-साथ पिछले वर्ष के दौरान ईएमआरएस की प्रमुख उपलब्धियों और पहलों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी जाएगी। मणिपुर के ईएमआरएस छात्रों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी जाएंगी, जो राज्य की समृद्ध जनजातीय परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेंगी। साथ ही देशभर के उत्कृष्ट छात्रों को उनकी शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा।
स्थापना के बाद से एनईएसटीएस ने ईएमआरएस नेटवर्क के माध्यम से जनजातीय छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शिक्षा की पहुंच का विस्तार किया है। मंत्रालय के नेतृत्व में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, शैक्षणिक सहायता प्रणालियों को सुदृढ़ करने तथा जनजातीय युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
ईएमआरएस पहल के माध्यम से जनजातीय कार्य मंत्रालय देश के जनजातीय समुदायों को शिक्षा के जरिए सशक्त बनाने के अपने संकल्प को पुनः दोहराता है, ताकि छात्र शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करने के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से भी जुड़े रहें।
(PNS Bureau)




