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जीवन-युद्ध में हार गए गोपबंधु बिषोयी, नबरंगपुर ने खोया एक उज्ज्वल सितारा

PNS Nabrangpur Dt-06-Feb-2026:- नबरंगपुर के साहित्य, संस्कृति और सामाजिक जगत के लिए आज का दिन अत्यंत दुःखद है। जीवन-युद्ध में पराजित होकर नबरंगपुर के एक दिप्तिमय तारा, वरिष्ठ पत्रकार, संपादक, साहित्यकार एवं आध्यात्मिक व्यक्तित्व श्री गोपबंधु बिषोयी का आज दुखद निधन हो गया।

वे 88 वर्ष के थे। आज भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन अवस्था में पूर्वाह्न 11:40 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके पुत्र स्वरूप द्वारा किए गए अथक प्रयास, निष्ठा और प्रार्थनाओं के बावजूद एक युग का अंत हो गया।

श्री बिषोयी एक बहुआयामी व्यक्तित्व थे। वे एक साथ पत्रकार, संपादक, साहित्यकार और आध्यात्मिक विचारक के रूप में समाज में प्रतिष्ठित रहे। नबरंगपुर के इतिहास पर आधारित उनकी चर्चित कृति “नबरंगपुर का इतिहास” के माध्यम से वे सदैव स्मरणीय रहेंगे।

वे प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी लक्ष्मी चंद्र दास द्वारा नबरंगपुर से प्रकाशित प्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र “जनसखा” के सहयोगी भी रहे। इसके अलावा वे अपने स्वयं के साप्ताहिक पत्र “उपकार” के संपादक रहे और वर्षों तक समाज को दिशा देने का कार्य करते रहे।

ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी पुण्यात्मा श्री श्री कुंजबिहारी के चरणों में शांति पाए।

वे अपने पीछे धर्मपत्नी जेमा दीदी, पुत्रियां क्षमा, भारती, आरती, प्रभाती तथा पुत्र स्वरूपानंद सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। सभी शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जाती है।(PNS)

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