टेक्सटाइल रिसर्च को मिलेगी नई रफ्तार, सरकार का जोर ‘लैब से बाजार’ तक पहुंचाने पर

टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशंस की दूसरी समन्वय समिति बैठक में उद्योग-केंद्रित R&D, स्टार्टअप और नई तकनीकों पर मंथन
PNS,नई दिल्ली, 29 अगस्त 2026।
भारत के टेक्सटाइल सेक्टर को तकनीक और नवाचार की ताकत से वैश्विक स्तर पर और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में सरकार ने रिसर्च एवं डेवलपमेंट को उद्योग की जरूरतों से सीधे जोड़ने पर जोर दिया है।
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आज टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशंस (TRAs) की दूसरी समन्वय समिति बैठक आयोजित हुई। कपड़ा मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में टेक्सटाइल रिसर्च को अधिक प्रभावी, परिणाम आधारित और उद्योग-केंद्रित बनाने पर व्यापक चर्चा हुई।
अब ऐसी रिसर्च जो सीधे उद्योग के काम आए
बैठक में सरकार ने स्पष्ट किया कि टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशंस की गतिविधियां केवल शोध तक सीमित न रहें, बल्कि उनका व्यावहारिक और मापने योग्य परिणाम सामने आना चाहिए।
फोकस इस बात पर रहेगा कि रिसर्च से—
- नई तकनीक विकसित हो
- पेटेंट और प्रोटोटाइप तैयार हों
- उत्पादों का व्यावसायीकरण हो
- आयात पर निर्भरता कम हो
- MSME क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं का समाधान निकले
सरकार ने यह भी कहा कि उद्योग की भागीदारी रिसर्च की शुरुआत यानी कॉन्सेप्ट तैयार करने के चरण से ही होनी चाहिए, ताकि विकसित तकनीक को वास्तविक जरूरत के मुताबिक तैयार किया जा सके और उसे अपनाने में आसानी हो।
नई पीढ़ी के फाइबर और टेक्निकल टेक्सटाइल पर जोर
बैठक में New Age Fibres, टेक्निकल टेक्सटाइल और उभरती तकनीकों पर भी चर्चा हुई।
इसके साथ ही देश के Centres of Excellence की वैश्विक स्तर पर बेंचमार्किंग करने और रिसर्च की तकनीकी तैयारी का आकलन करने के लिए एक संरचित Technology Readiness Assessment Framework अपनाने पर जोर दिया गया।
स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा
टेक्सटाइल सेक्टर में नए आइडिया और तकनीक विकसित करने वाले स्टार्टअप्स और इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करना भी बैठक के प्रमुख एजेंडे में रहा।
इसके अलावा—
कॉमन ई-लाइब्रेरी प्लेटफॉर्म,
बाहरी फंडिंग जुटाना,
स्किल डेवलपमेंट,
गवर्नेंस रिफॉर्म्स,
और रिसर्च संस्थानों के बीच सहयोग
जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
i-TRAMS से एक प्लेटफॉर्म पर आएगी रिसर्च की जानकारी
बैठक में i-TRAMS पोर्टल के प्रभावी इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया।
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए उपकरणों की जानकारी और रिसर्च संबंधी डेटा को मजबूत करने के साथ-साथ देश में उपलब्ध रिसर्च क्षमताओं की मैपिंग, गतिविधियों की निगरानी और उद्योग की जरूरतों को संबंधित टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन की विशेषज्ञता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
2026-27 के लिए बनेगा स्पष्ट रोडमैप
टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशंस के पांच वर्षीय प्लान और 2026-27 के वार्षिक कार्ययोजना में R&D, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट, टेस्टिंग एवं स्टैंडर्डाइजेशन, क्षमता निर्माण, इनोवेशन और संस्थागत सहयोग को स्पष्ट रणनीतिक रोडमैप के रूप में शामिल किया जाएगा।
इसका उद्देश्य रिसर्च गतिविधियों को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और तेजी से बदलती टेक्सटाइल इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप बनाना है।
अब रिसर्च का प्रदर्शन भी होगा मापने योग्य
बैठक में KPI आधारित प्रदर्शन मूल्यांकन प्रणाली विकसित करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
इस व्यवस्था में विश्वसनीय डेटा और समय-समय पर समीक्षा के आधार पर यह देखा जाएगा कि तय किए गए लक्ष्य कितने हासिल हुए, संसाधनों का इस्तेमाल कितना प्रभावी रहा और रिसर्च प्रोजेक्ट से वास्तविक परिणाम कितने सामने आए।
‘लैब से बाजार’ तक पहुंचेगा भारतीय टेक्सटाइल इनोवेशन
बैठक में शामिल अधिकारियों और संस्थानों ने एक ऐसे मजबूत, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और इनोवेशन आधारित टेक्सटाइल रिसर्च इकोसिस्टम के निर्माण की प्रतिबद्धता जताई, जिसमें सरकार, रिसर्च संस्थान, उद्योग, स्टार्टअप और अकादमिक संस्थान मिलकर काम करें।
सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है—टेक्सटाइल रिसर्च सिर्फ कागजों और प्रयोगशालाओं तक सीमित न रहे, बल्कि उससे ऐसी तकनीक और उत्पाद निकलें जो भारतीय उद्योग की जरूरत पूरी करें, आयात घटाएं और वैश्विक बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाएं।
एक नजर में
📌 बैठक: टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशंस की दूसरी समन्वय समिति बैठक
📍 स्थान: विज्ञान भवन, नई दिल्ली
👤 अध्यक्षता: नीलम शमी राव, सचिव, कपड़ा मंत्रालय
🎯 मुख्य फोकस: उद्योग-केंद्रित R&D, टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, व्यावसायीकरण और KPI आधारित मूल्यांकन
🔬 प्रमुख पहल: i-TRAMS, Centres of Excellence, New Age Fibres, Technology Readiness Assessment
🤝 लक्ष्य: वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और नवाचार आधारित भारतीय टेक्सटाइल रिसर्च इकोसिस्टम




