भुवनेश्वर सांसद अपराजिता सारंगी नवगठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की चेयरपर्सन नियुक्त
तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर करेगी विस्तृत अध्ययन
PNS Bureau:- भुवनेश्वर की सांसद अपराजिता सारंगी को केंद्र सरकार ने एक और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें नवगठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। यह समिति हाल ही में संसद में प्रस्तुत किए गए तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर विस्तृत अध्ययन करेगी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने बीजेपी सांसद तथा पूर्व IAS अधिकारी अपराजिता सारंगी को इस नई JPC का अध्यक्ष नियुक्त किया है। नियुक्ति के बाद सांसद ने सोशल मीडिया पर सभी शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया।
इन तीन विधेयकों का JPC करेगा अध्ययन
- संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025
- जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025
- केंद्रशासित क्षेत्रों का शासन (संशोधन) विधेयक, 2025
नवगठित JPC का मुख्य उद्देश्य इन तीनों विधेयकों के संवैधानिक, विधिक और प्रशासनिक पहलुओं की गहराई से समीक्षा करना है।
JPC में कुल 31 सदस्य — लोकसभा से 21, राज्यसभा से 10
JPC में शामिल प्रमुख सदस्यों में लोकसभा से:
- रवि शंकर प्रसाद
- भर्तृहरि महताब
- अनुराग सिंह ठाकुर
- विष्णु दयाल राम
- डी.के. अरुणा
- परसोत्तम भाई रूपाला
- सुप्रिया सुले
- असदुद्दीन ओवैसी
- हरसिमरत कौर बादल
राज्यसभा से शामिल सदस्य:
- बृज लाला
- उज्ज्वल निक्कम
- नवम रेबिया
- नीरज शेखर
- मनन कुमार मिश्रा
- डॉ. के. लक्ष्मण
- सुधा मूर्ति
(अन्य सदस्य भी समिति में शामिल किए गए हैं)
अध्यक्ष के रूप में अपराजिता सारंगी पूरे पैनल का नेतृत्व करेंगी।
130वां संविधान संशोधन विधेयक—सबसे अधिक चर्चा में
130वें संविधान संशोधन विधेयक का उद्देश्य है:
- प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री जैसे शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं के खिलाफ गंभीर आपराधिक आरोप सिद्ध होने पर
- गिरफ्तारी,
- पद से अयोग्यता,
- तथा पद स्वतः समाप्त होने की व्यवस्था।
यह विधेयक पेश होने के बाद से देश में व्यापक राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।
कई विपक्षी दलों ने आशंका जताई कि:
- इसका दुरुपयोग हो सकता है
- इससे न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच संतुलन प्रभावित हो सकता है
- राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में “टूल” की तरह प्रयोग का खतरा हो सकता है
इन तमाम बिंदुओं पर JPC विशेषज्ञों की राय लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
जम्मू-कश्मीर एवं केंद्रशासित क्षेत्रों से संबंधित संशोधन भी होंगे समीक्षा में
JPC, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन कानून और केंद्रशासित क्षेत्रों के शासन से जुड़े संशोधनों पर भी विचार करेगी।
ये संशोधन प्रशासनिक कार्यक्षमता, विधायी अधिकारों और केंद्र-राज्य संबंधों के संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
अपराजिता सारंगी के नेतृत्व से नई दिशा की उम्मीद
राजनीतिक गलियारों में उम्मीद जताई जा रही है कि:
“भुवनेश्वर सांसद अपराजिता सारंगी के नेतृत्व में यह JPC तीनों महत्वपूर्ण विधेयकों पर संतुलित, व्यावहारिक और दूरदर्शी सिफारिशें पेश करेगी।”
समिति अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार कर संसद को सौंपेगी, जिसके बाद इन विधेयकों का भविष्य तय होगा।(PNS)




