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ओड़िशा

विकसित ओडिशा की दिशा में शहरी भूमि प्रबंधन अहम: एसीएस उषा पाधी

खारवेला भवन में उच्चस्तरीय बैठक—भूमि को रणनीतिक संसाधन के रूप में विकसित करने पर जोर

भुवनेश्वर | 1 अप्रैल, 2026

ओडिशा में सतत शहरीकरण को मजबूत आधार देने की दिशा में आवास एवं शहरी विकास विभाग ने खारवेला भवन में शहरी भूमि प्रबंधन पर एक उच्चस्तरीय सत्र का आयोजन किया। इस बैठक में “विकसित ओडिशा” के लक्ष्य को प्राप्त करने में भूमि को एक रणनीतिक संसाधन के रूप में उपयोग करने पर विशेष बल दिया गया।

इस अवसर पर सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री हरि बल्लभ मिश्रा ने अपने व्यापक प्रशासनिक अनुभव के आधार पर शहरी भूमि प्रबंधन के बदलते कानूनी, प्रशासनिक और नीतिगत पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने भूमि वर्गीकरण की स्पष्टता और नीति ढांचे के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।

सत्र की अध्यक्षता करते हुए आवास एवं शहरी विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं आईडीसीओ की अध्यक्ष श्रीमती उषा पाधी ने कहा कि रणनीतिक और सुविचारित भूमि प्रबंधन ही भविष्य के टिकाऊ और सक्षम शहरों की नींव है। उन्होंने भूमि की विभिन्न श्रेणियों, नियामक ढांचे और “लैंड वैल्यू कैप्चर” जैसे नवाचारों को समझने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि शहरी भूमि संपत्तियों का अधिकतम उपयोग किया जा सके।

बैठक में ओडिशा की प्रमुख भूमि श्रेणियों—नजूल, खासमहल, सरकारी खास कब्जा (जीकेपीबी) और लीज होल्ड मामलों—पर चर्चा की गई और तेजी से हो रहे शहरीकरण के संदर्भ में इनके बेहतर उपयोग की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया।

नगर प्रशासन निदेशक श्री अरिंदम डाकुआ सहित सभी अतिरिक्त सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों ने सत्र में भाग लिया। इसके अलावा, जिलाधिकारियों, नगर आयुक्तों तथा राजस्व एवं सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने भी भौतिक और वर्चुअल माध्यम से सक्रिय सहभागिता की।

चर्चा के दौरान “लैंड वैल्यू कैप्चर” को शहरी अवसंरचना के लिए एक स्थायी वित्तीय साधन के रूप में रेखांकित किया गया। साथ ही, नियोजित विकास और बेहतर सेवा वितरण के लिए भूमि संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया।

अंत में विभाग ने पूरे राज्य में पारदर्शी और दक्ष शहरी भूमि प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए क्षमता निर्माण और ज्ञान-साझाकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।  (PNS Bureau)

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