खुर्दा रोड–बोलांगीर रेल परियोजना: पूर्व–पश्चिम ओडिशा को जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम

PNS Bureau,27 Nov,25:- ओडिशा में 301 किलोमीटर लंबी खुर्दा रोड–बोलांगीर नई रेल लाइन परियोजना से बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव आने वाला है। यह रेल मार्ग तटीय ओडिशा को राज्य के पश्चिमी भाग से जोड़ेगा, जिससे नयागढ़, बौध, सोनपुर और बोलांगीर जिलों में आवागमन, बाज़ारों तक पहुंच और क्षेत्रीय व्यापार को नया आयाम मिलेगा। परियोजना से संतुलित सामाजिक-आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
🔧 चुनौतीपूर्ण इंजीनियरिंग कार्य
दसपल्ला से बौध तक का मार्ग पहाड़ी एवं कठिन भौगोलिक स्थिति से गुजरता है। सुरक्षा और सुगम रेल संचालन सुनिश्चित करने के लिए निम्न कार्य किए जा रहे हैं:
- बहु-सुरंग (Tunnels) निर्माण
- वायाडक्ट (Viaducts)
- गहरे कटिंग क्षेत्र
- ऊंचे एम्बैंकमेंट
सुरंगों को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि ढाल (gradient) कम रहे और पर्यावरणीय प्रभाव न्यूनतम हो। वहीं लंबी वायाडक्ट्स नदियों, घाटियों व संवेदनशील जंगल क्षेत्रों पर सुरक्षित मार्ग प्रदान करेंगी।
🚆 भारत का दूसरा सबसे लंबा रेलवे वायाडक्ट
भूत्रंग सिंचाई परियोजना के भावी जलाशय पर बनने वाला वायाडक्ट (बुगुड़ा–बनीगोछा सेक्शन) परियोजना की प्रमुख विशेषता है।
🔹 मुख्य तथ्य:
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| लंबाई | 4.778 किमी – निर्माण के बाद भारत का दूसरा सबसे लंबा रेलवे वायाडक्ट |
| स्थान | नयागढ़ जिले के बुगुड़ा और बनीगोछा स्टेशनों को जोड़ता है |
| संरचना | 182 स्पैन, जिसमें सबसे ऊंचा पियर 26 मीटर |
| डिज़ाइन | ऊंचा एलाइनमेंट ताकि जंगल व वन्यजीव क्षेत्रों को न्यूनतम बाधा हो |
| तकनीक | उन्नत निर्माण पद्धतियां – गति, स्थिरता व पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए |
🐘 पर्यावरण और वन्यजीव सुरक्षा
रेल लाइन में शामिल किए जा रहे हैं:
- हाथियों के लिए अंडरपास और ओवरपास
- समर्पित वन्यजीव कॉरिडोर
- वन विभाग से परामर्श कर विशेष सुरक्षा प्रणाली
- मानव–पशु संघर्ष को कम करने एवं आवास विखंडन रोकने के उपाय
📈 परियोजना से मिलने वाले लाभ
- पूर्व–पश्चिम ओडिशा रेल कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार
- क्षेत्रीय व्यापार और बाज़ार पहुंच में तेजी
- जंगल क्षेत्रों में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा
- यात्रियों और माल परिवहन में सुविधा
- पर्यावरण संरक्षण के साथ सतत विकास
👉 खुर्दा रोड–बोलांगीर रेल लाइन पूर्ण होने पर पूर्वी भारत की सबसे महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में शामिल होगी, जो विकास, कनेक्टिविटी और पर्यावरण संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी। (PNB)




