बिहार
3 दिसंबर को राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा – गरीबों और दलितों पर बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन

PNS Bureau, 29 नवंबर 2025।
भाकपा–माले की तीन दिवसीय केंद्रीय कमिटी बैठक के बाद पार्टी के राज्य सचिव कुणाल ने आज एक प्रेस वार्ता में बताया कि चुनाव के बाद राज्य भर में दलित और गरीब समुदायों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई बढ़ी है, जिसे उन्होंने “सीधा हमला” बताया।
कुणाल ने घोषणा की कि 3 दिसंबर 2025 को बिहार विधानसभा के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसी के साथ पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन और सभाएं आयोजित की जाएंगी, ताकि सरकार पर इस कार्रवाई को रोकने का दबाव बनाया जा सके।
🔹 मुख्य आरोप और मुद्दे
| मुद्दा | विवरण |
|---|---|
| बुलडोजर कार्रवाई | दावा किया गया कि दलित एवं गरीब परिवारों को ज़मीन से हटाया जा रहा है |
| प्रमुख उदाहरण | नालंदा ज़िले के शिवनंदन नगर में पासवान समुदाय के घरों पर बुलडोजर चलाया गया |
| फुटपाथ दुकानदारों की समस्या | पटना के सर्वेक्षित दुकानदारों को भी हटाया गया – न्यू मार्केट, महावीर मंदिर, वीणा सिनेमा, दक्षिण बुद्ध पार्क क्षेत्र उल्लेखित |
| विरोध की मांग | बुलडोजर कार्रवाई तत्काल रोकी जाए और आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित हो |
🗣 कुणाल ने क्या कहा?
- “दलितों और गरीब जनता पर बुलडोजर चलाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।”
- “सर्वेक्षण के बाद नगर निगम द्वारा वेंडिंग पहचान-पत्र दिए गए दुकानदारों को भी हटाया जा रहा है।”
- “सरकार को इस कार्रवाई को तुरंत रोकना चाहिए और आम लोगों की जमीन एवं आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।”
📢 3 दिसंबर: राज्यव्यापी विरोध
- स्थान: बिहार विधानसभा परिसर सहित राज्य के विभिन्न जिले
- कार्यक्रम: धरना, प्रदर्शन एवं विरोध सभाएं
- आह्वान: सभी वर्गों के लोगों से भागीदारी की अपील
🔍 संदर्भ
भाकपा–माले ने इसे गरीबों और दलितों के अधिकारों के लिए एकजुट अभियान बताया है। पार्टी का कहना है कि यह पहल लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए आवश्यक है।
📌 (PNS)




