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दिल्ली/NCRदेश

ऑस्ट्रेलिया में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध लागू, बच्चे-माता-पिता-शिक्षक नई दुनिया के लिए तैयार

प्रति​बंध के पहले ही दिन बच्चे प्रतिबंध को दरकिनार करने के तरीके खोजने में जुटे

PNS Bureau ,नई दिल्ली ,12 Nov,2025:-

ऑस्ट्रेलिया में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध आधिकारिक रूप से लागू हो गया है,
और माता-पिता, शिक्षक व बच्चे एक नए डिजिटल माहौल के साथ जाग रहे हैं।
लेकिन कई किशोर इस प्रतिबंध को अपनी जीवनशैली में बड़ा हस्तक्षेप मानकर विरोध कर रहे हैं।

किशोरों की प्रतिक्रिया: “प्रतिबंध से समस्याएं हल नहीं होंगी”

ब्रिस्बेन की 16 वर्षीय मरिस्का एडम्स और उसके दोस्त—जिनमें कई अभी भी 15 वर्ष के हैं—
प्रतिबंध को दरकिनार करने के नए तरीके खोज रहे हैं।
वे नए ऐप, नए लॉग-इन तरीकों और यहां तक कि माता-पिता के अकाउंट से लॉग-इन करने की योजना भी बना रहे हैं।

“हम बिना कारण बगावत नहीं कर रहे। हम सिर्फ अपने दोस्तों से जुड़े रहना चाहते हैं।”
एडम्स ने कहा।

ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश जिसने युवाओं के लिए प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बंद किए

ऑस्ट्रेलिया ने पिछले वर्ष एक कानून पारित कर 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए
YouTube, Twitch, TikTok, Instagram जैसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के उपयोग पर रोक लगा दी थी।
यह कानून नवंबर 2024 में सरकार द्वारा प्रस्तावित किया गया और उसी महीने विपक्ष के समर्थन से पारित हुआ।
समर्थकों के अनुसार यह बच्चों की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है,
जबकि आलोचकों के अनुसार यह अभिभावकीय अधिकारों और निजता में दखल है।

कानून लागू, लेकिन सवाल बरकरार

प्रतिबंध लागू होते ही कई सवालों ने जन्म लिया—
कंपनियां उम्र की पुष्टि कैसे करेंगी?
क्या VPN से लोकेशन बदलकर ऐप्स तक पहुंच संभव रहेगी?
बच्चे क्या Roblox और Discord जैसे खुले प्लेटफॉर्म्स पर नहीं चले जाएंगे?

Meta, TikTok और Snap ने कहा है कि वे कानून से असहमत हैं,
लेकिन उपयोगकर्ताओं की उम्र सत्यापित करने के लिए “उचित कदम” उठाएंगे।
नाबालिग पाए जाने पर Meta के प्लेटफॉर्म अकाउंट डिलीट करने की तैयारी में हैं।

कई माता-पिता खुश, कई चिंतित—कुछ तैयार बच्चे की मदद करने को

कुछ अभिभावक इसे सोशल मीडिया कंपनियों के लिए कड़ा संदेश मान रहे हैं।
सिडनी के डैनी एलाची, जो पाँच बच्चों के पिता हैं, कहते हैं—
“यह पहला बड़ा कदम है; अब बच्चे वास्तविक दुनिया से ज्यादा जुड़ेंगे।”

लेकिन कई माता-पिता चिंतित हैं कि बच्चे ऐप्स से दूर होने के बाद बचा समय कैसे बिताएँगे।
क्वींसलैंड की अमांडा ओलिवर ने कहा कि अपनी 11 वर्षीय बेटी एम्मा को ऐप्स से दूर रखना “बहुत मुश्किल” रहा है।
उन्होंने खेल-सामग्री, साइकिल और नई गतिविधियों को विकल्प के तौर पर अपनाया है।

कुछ अभिभावक भी नियम तोड़ने में बच्चों की मदद करने को तैयार

क्वींसलैंड की मेलिसा दी वीटा का कहना है—
“सरकार को हमारे बच्चों की परवरिश में दखल नहीं देना चाहिए।”
वह अपने 12 वर्षीय बेटे को वयस्क अकाउंट से YouTube देखने देने वाली हैं।
उनका मानना है कि प्रतिबंध बच्चों को और अधिक “सीक्रेट” व्यवहार की ओर धकेल सकता है।

किशोर बच्चे अपनी चालाकी में माहिर—चालें भी तकनीकी

14 वर्षीय इवेलिन अपनी मां का Face ID उपयोग कर Snapchat और Instagram चलाने की योजना बना रही है—
और उसकी मां भी सहमत हैं।

इवेलिन ने कहा—
“कोई भी इसे गंभीरता से नहीं ले रहा, क्योंकि इसे बायपास करना मुश्किल नहीं होने वाला।”

ग्रामीण बच्चे, बोर्डिंग में रहने वाले छात्र सबसे अधिक प्रभावित

ऑस्ट्रेलियन बोर्डिंग स्कूल एसोसिएशन के सीईओ रिचर्ड स्टोक्स के अनुसार
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चे छुट्टियों में सोशल मीडिया के माध्यम से ही अपने दोस्तों से जुड़े रहते हैं।
प्रतिबंध उनके लिए चुनौतीपूर्ण होगा, हालांकि वे समय के साथ विकल्प ढूँढ लेंगे।

गोपनीयता पर भी उठे सवाल—वयस्कों में भी चिंता

वयस्क ऑस्ट्रेलियाई भी उम्र सत्यापन के लिए ID देने को लेकर चिंतित हैं।
मुक्त भाषण और मानवाधिकार संगठनों ने इसे संभावित सरकारी निगरानी और
डेटा संग्रह के खतरे के रूप में देखा है।

अंत में—बच्चों की कोशिशें जारी

मरिस्का एडम्स ने बताया कि एक ऐप ने जब आयु सत्यापन के लिए सेल्फी मांगी,
तो उन्होंने Google से मिली एक गोल्डन रिट्रीवर की फोटो अपलोड कर दी—
और वह काम कर गया।  (PNS)

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