भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026 में ‘वन धन कॉन्क्लेव’ का आयोजन: जनजातीय आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उइके ने किया उद्घाटन; जनजातीय कारीगरों से संवाद, मूल्य संवर्धन और बाज़ार से जुड़ाव पर जोर

नई दिल्ली, 29 मार्च, 2026
‘सस्टेनेबल लाइवलीहुड्स फॉर ट्राइबल इंडिया’ विषय पर आधारित वन धन कॉन्क्लेव का आज उद्घाटन जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके द्वारा सुंदर नर्सरी, नई दिल्ली में भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026 के अंतर्गत किया गया। इस कॉन्क्लेव का आयोजन जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत ट्राइफेड द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मंत्री ने भारत ट्राइब्स फेस्ट बाज़ार में विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा जनजातीय कारीगरों से संवाद कर उनके कौशल की सराहना की। उन्होंने कारीगरों को अपनी पारंपरिक कला और विरासत को संरक्षित रखते हुए बाज़ार विस्तार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
अपने संबोधन में श्री उइके ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाने के लिए सतत आजीविका, उद्यमिता संवर्धन तथा लघु वनोपज (MFP) के मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि वन धन योजना जनजातीय समुदायों की आय में वृद्धि तथा बाज़ार से बेहतर जुड़ाव स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक श्री एम. राजामुरुगन (IPS) ने स्वागत भाषण दिया, जबकि जनजातीय कार्य मंत्रालय के अपर सचिव श्री मनीष ठाकुर ने मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत किया। पद्मश्री श्री चैतराम देवचंद पवार ने भी अपने विचार साझा किए। इस कॉन्क्लेव में नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और जनजातीय उद्यमियों ने भाग लेकर आजीविका सुदृढ़ीकरण के विभिन्न आयामों पर चर्चा की।
श्री मनीष ठाकुर ने नवाचार, समन्वय और बाज़ार एकीकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। पद्मश्री पवार ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने, बाज़ार से जुड़ाव मजबूत करने तथा पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
दिनभर चले इस कॉन्क्लेव में चार प्रमुख विषयों पर सत्र आयोजित किए गए:
- समुदाय की भागीदारी और जमीनी अनुभव
- कानूनी ढांचा एवं परिचालन संबंधी चुनौतियाँ
- वन धन विकास केंद्र (VDVK) मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करना
- राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुंच का विस्तार
कॉन्क्लेव में विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, VDVKs, निजी क्षेत्र, गैर-सरकारी संगठनों तथा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिससे ज्ञान साझा करने और सहयोग को बढ़ावा मिला।
ट्राइफेड जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (PMJVM) के अंतर्गत देशभर में 4,172 वन धन विकास केंद्र स्वीकृत किए गए हैं, जिससे 12.48 लाख से अधिक जनजातीय सदस्य लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त, PMJANMAN योजना के तहत 540 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) VDVKs स्वीकृत किए गए हैं, जिससे लगभग 0.46 लाख लाभार्थियों को लाभ मिल रहा है।
वन धन कॉन्क्लेव ने जनजातीय उत्पादकों को सशक्त बनाने तथा उन्हें बदलते बाज़ार से जोड़ने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।
जनजातीय कार्य मंत्रालय और ट्राइफेड ने सतत आजीविका, पारंपरिक ज्ञान संरक्षण और बाज़ार सुदृढ़ीकरण के माध्यम से जनजातीय समुदायों के समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026 का आयोजन 5 अप्रैल, 2026 तक जारी रहेगा। नागरिकों से इस उत्सव में भाग लेकर जनजातीय भारत की समृद्ध संस्कृति और उत्पादों का अनुभव करने का आग्रह किया गया है। (PNS Bureau) (समाप्त)




