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राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2025 का समापन, नई दिल्ली में श्री तोखन साहू ने किया समापन समारोह का नेतृत्व
PNS Bureau :- नई दिल्ली, यशोभूमि इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर |
आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के माननीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2025 (National Urban Conclave 2025) का सफल समापन किया। दो दिवसीय सम्मेलन ने “विकसित भारत 2047” की दिशा में शहरी विकास के नए दृष्टिकोण और रणनीतियों पर विचार-विमर्श को गति दी।
तकनीकी सत्रों की प्रमुख विषय-वस्तु
दूसरे और अंतिम दिन आयोजित सत्रों में तीन प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श हुआ —
- शहरी शासन (Urban Governance)
- परिपत्र अर्थव्यवस्था (Circular Economy)
- आवास पारिस्थितिकी तंत्र (Housing Ecosystem)
- शहरी शासन सत्र में संस्थागत नवाचारों और भविष्य के लिए तैयार प्रभावी शहरी प्रशासन पर चर्चा हुई।
- परिपत्र अर्थव्यवस्था सत्र में अपशिष्ट को संसाधन में बदलने और सर्कुलैरिटी को नीति स्तर पर लागू करने के उपायों पर जोर दिया गया।
- आवास पारिस्थितिकी सत्र में सस्ती आवास आपूर्ति, आजीविका के अवसरों और बुनियादी ढांचे के साथ नीति ढांचे के तालमेल पर विचार किया गया।
लॉन्च / घोषणाएँ
समापन सत्र के दौरान माननीय मंत्री श्री तोखन साहू ने निम्नलिखित लॉन्च किए:
🟢 1. समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान
- आवास और शहरी कार्य मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार, उस्मानिया विश्वविद्यालय, IIPA और AIILSG के बीच
- यह समझौता शहरी क्षेत्र में प्रशिक्षण, अनुसंधान और संसाधन सामग्री के विकास को बढ़ावा देगा।
🟢 2. IIRS संकलन ऐप का शुभारंभ
- GIS आधारित स्मार्ट शहरी सर्वेक्षण के लिए यह ऐप डेटा की सटीकता बढ़ाने, देरी घटाने और रियल-टाइम जियो-टैगिंग में मदद करेगा।
🟢 3. आवास और हैबिटेट पर सार्वजनिक नीति केंद्र का शुभारंभ (NIUA, दिल्ली)
- यह केंद्र सस्ती आवास नीति, अनुसंधान, डेटा संग्रहण, क्षमता निर्माण और ज्ञान साझा करने के माध्यम से समावेशी शहरी आवास को प्रोत्साहित करेगा।
महत्वपूर्ण वक्तव्य और घोषणाएँ
श्री श्रीनिवास कटिकिथला, सचिव, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय
- प्रधानमंत्री के 50 वैश्विक शहरों के विज़न को आगे बढ़ाने हेतु एक संरचित चैलेंज फ्रेमवर्क अपनाया जाएगा।
- उन्होंने घोषणा की कि भारत अप्रैल 2026 में BRICS अर्बन फोरम और Urban Tech Expo 2026 की मेजबानी करेगा।
प्रो. एस. महेन्द्र देव, अध्यक्ष, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद
- उन्होंने कहा कि शहरीकरण को आर्थिक रणनीति के रूप में देखा जाना चाहिए — जिससे राष्ट्रीय वृद्धि, समावेशन और स्थिरता को बल मिले।
- प्रोफेसर देव ने क्रॉस-सेक्टरल शहरी योजना, लो-कार्बन गतिशीलता और रीयल-टाइम डेटा आधारित “अर्बन” की नई परिभाषा की आवश्यकता पर बल दिया।
माननीय मंत्री श्री तोखन साहू का समापन संबोधन
- उन्होंने कहा कि भारत अब गरीबी उन्मूलन से आगे बढ़कर सशक्तिकरण और उद्यमिता के मॉडल की ओर अग्रसर है।
- केंद्र, राज्य, शहरी निकायों और निजी क्षेत्र के समन्वय से ही इस परिवर्तन को स्थायी बनाया जा सकता है।
- उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन–शहरी 2.0 के अंतर्गत ₹1,000 करोड़ का “हिल और हिमालयी सिटी फोकस्ड फंड” लॉन्च करने की घोषणा की, ताकि पर्वतीय और पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील शहरों की विशेष आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
निष्कर्ष
दो दिवसीय सम्मेलन के विचार-विमर्श से प्राप्त परिणाम भारत के समावेशी, लचीले और सुशासित शहरों के रोडमैप के लिए ठोस दिशा प्रदान करेंगे।(PNS)




