“सोहईपुर विश्व-प्रसिद्ध गढ़गज क्षेत्र का मेला-2025, मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण”

PNS Bureau, 30 नवम्बर 2025।
मुख्यमंत्री श्री नितिन कुमार ने आज लखीसराय जिले के सोहईपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध गढ़गज क्षेत्र में आयोजित मेला–2025 का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और मेला परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों – आपदा प्रबंधन, आर्यन ग्रुप, महिला एवं बाल विकास निगम सहित अन्य इकाइयों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने उत्पादों, हस्तनिर्मित सामग्रियों और स्थानीय कारीगरों की पहल की सराहना की।
महिला स्व-सहायता समूहों को मिली प्रोत्साहन राशि
मुख्यमंत्री ने ‘महिला रोजगार योजना’ के तहत स्व-सहायता समूहों को मिल रही वित्तीय सहायता की प्रशंसा की और कहा—
“बिहार की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर रही हैं, यह गर्व की बात है।”
स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की तैयारी
उन्होंने कहा कि सोहईपुर मेला सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार भी है। हजारों छोटे व्यापारी यहां आकर अपने उत्पाद जैसे–
हस्तशिल्प सामग्री, पूजा-सामग्री, वस्त्र, खिलौने, कृषि उत्पाद, जूट एवं लकड़ी के सामान आदि
की बिक्री करते हैं, जिससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलता है।
मेला 09 नवम्बर से 10 दिसम्बर तक
- पहले मेला की तिथियां 03 नवम्बर से 04 दिसम्बर निर्धारित थीं
- बिहार विधानसभा चुनाव के चलते अब मेला का आयोजन 09 नवम्बर से 10 दिसम्बर 2025 तक किया जा रहा है
- यह मेला गंगा व गंडक नदियों के संगम के समीप स्थित गढ़गज बाबा मंदिर में आयोजित होता है
- देश-विदेश से श्रद्धालु पूजा-अर्चना हेतु यहां आते हैं
सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं खेल आयोजन दैनिक आकर्षण
प्रतिदिन आकर्षक कबड्डी, दौड़, नाटक, नृत्य आदि कार्यक्रमों का आयोजन होता है जिससे लोगों के मनोरंजन के साथ स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलता है।
जिम्मेदार विभाग एवं प्रशासन की सक्रियता
मेला आयोजन में निम्नलिखित विभाग सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं:
- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग
- पर्यटन विभाग
- ग्राम्य विकास विभाग
- महिला एवं बाल विकास विभाग
- देशीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा प्रदर्शनी स्टॉल
निरीक्षण के दौरान ज़िला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
🔹 इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में स्वच्छता, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
📍 “सोहईपुर मेला बिहार का सबसे बड़ा पशु मेला माना जाता है। प्रतिवर्ष हजारों पशु, विशेषकर घोड़ा, ऊंट, बैल सहित अन्य पालतू पशुओं की खरीद-बिक्री होती है।”
📢 (PNS)




