ब्रेकिंग
चमेली ओड़ा को न्याय दिलाने की मांग पर 17 जून को केंद्रापाड़ा जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेगा यु... विश्व पर्यावरण दिवस पर IWWA ओडिशा सेंटर का वृक्षारोपण अभियान, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का बड़ा फैसला: चावल मिलिंग शुल्क दोगुना, किसानों से धान खरीद होगी और सुचार... ओडिशा और जापान के तोत्तोरी प्रांत के बीच मैत्री समझौते पर चर्चा, आर्थिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को मिले... नीट (यूजी) 2026 पुनर्परीक्षा की तैयारियों की मुख्य सचिव ने की समीक्षा, जिलाधिकारियों को दिए आवश्यक न... इजरायली स्टार्टअप ‘शिफ्टर्स’ ने जुटाए 1.02 करोड़ डॉलर, एआई-संचालित स्वायत्त रोबोटिक टीमों के विकास क... ईएसआईसी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीबीएस, बीडीएस और बी.एससी. नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश ... अफ्रीका में इबोला से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता: दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामाफो... जापानी फ्रूट सैंडो बना रहा है गर्मियों को खास, स्वाद के साथ कला का अनोखा संगम कैंसर केवल शारीरिक नहीं, मानसिक और भावनात्मक चुनौती भी: मरीजों और देखभालकर्ताओं के लिए व्यापक सहयोग ...
मुख्य खबर

देशभर में मनाया जा रहा है जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा – भारत की समृद्ध आदिवासी विरासत, संस्कृति और योगदान को समर्पित उत्सव

PNS Bureau:- देशभर में 1 से 15 नवम्बर 2025 तक मनाए जा रहे “जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा” के अंतर्गत विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रंगारंग कार्यक्रमों और जनभागीदारी के साथ उत्सव का माहौल है। यह पखवाड़ा धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को समर्पित है।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देशभर में जनजातीय गौरव वर्ष को जनजातीय पहचान, संस्कृति और विकास के प्रति नई चेतना और गर्व की भावना के साथ मनाया जा रहा है।

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में कॉलेज के जनजातीय छात्रों के लिए कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं को विभिन्न शैक्षणिक और व्यावसायिक अवसरों की जानकारी और प्रेरणा देना था।

 

आंध्र प्रदेश में वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से जनजातीय समुदाय के प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण की परंपरा को उजागर किया गया। आईटीडीए पीवीपी में हेरिटेज रैली और जागरूकता बैठक आयोजित कर जनजातीय कल्याण योजनाओं में सहभागिता को प्रोत्साहित किया गया।

जम्मू-कश्मीर में पीवीटीजी लाभों के सैचुरेशन, स्वास्थ्य शिविरों, परंपरागत चिकित्सकों की कार्यशालाओं और युवा क्लब गठन जैसी विविध पहलें शुरू की गईं। साथ ही, जनजातीय सफलता की कहानियों का दस्तावेजीकरण, एसटी लाभार्थियों के डाटा का डिजिटलीकरण और जनजातीय भाषाओं के संरक्षण का अभियान भी शुरू हुआ। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, दुर्बुक में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें स्थानीय प्रतिभाओं ने अपनी सृजनशीलता दिखाई।

कर्नाटक में अश्रम विद्यालय, कोलिपाल्या में छात्रों द्वारा नृत्य, नाटक और कहानी कहने की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें जनजातीय संस्कृति की झलक देखने को मिली।

नगालैंड में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, तुएनसांग में कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने अपनी जनजातीय पहचान और गौरव को कविताओं के माध्यम से व्यक्त किया।

ओडिशा में जनजातीय जीवन और संस्कृति पर आधारित फोटोग्राफी प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है, जो राज्य की जनजातीय विविधता और जीवंतता को प्रदर्शित कर रही है।

राजस्थान में ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से लाभ सैचुरेशन कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे जनजातीय समुदायों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके द्वार तक पहुंचाया जा सके।

उत्तर प्रदेश में विद्यालयों के छात्रों ने निबंध, भाषण, चित्रकला, कहानी लेखन, कविता और रंगोली प्रतियोगिताओं में भाग लिया, जिससे जनजातीय संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम के विषयों पर जागरूकता और रचनात्मकता को बढ़ावा मिला।

इन सभी कार्यक्रमों के माध्यम से जनजातीय गौरव वर्ष का सामूहिक भाव परिलक्षित होता है, जो जनजातीय कार्य मंत्रालय के मार्गदर्शन में, माननीय मंत्री श्री जुएल ओराम और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, जनजातीय सशक्तिकरण, सांस्कृतिक संरक्षण और भारत की गौरवशाली जनजातीय विरासत के उत्सव के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।(PNS)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button