तरारी में बूथ चयन पर भेदभाव का आरोप, माले ने चुनाव आयोग से की हस्तक्षेप की मांग

PNS Bureau :- माले (भाकपा-माले) के राज्य सचिव कुणाल ने तरारी विधानसभा क्षेत्र में संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों के चयन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बूथों की सूची तैयार करने में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया गया है और यह कार्य भाजपा प्रत्याशी के इशारे पर किया जा रहा है।

कुणाल ने बताया कि माले ने चुनाव पर्यवेक्षक को 47 बूथों की सूची सौंपी थी जिन्हें अतिसंवेदनशील घोषित करने की मांग की गई थी, लेकिन पर्यवेक्षक ने उल्टा कदम उठाते हुए इन बूथों को सामान्य घोषित कर दिया। इसके विपरीत, दलित-गरीब-कमजोर वर्ग के मतदाताओं वाले 149 बूथों को अतिसंवेदनशील/संवेदनशील की श्रेणी में डाल दिया गया है।
उन्होंने कहा, “इन सभी बूथों पर पिछले चुनावों में किसी भी प्रकार का व्यवधान नहीं हुआ था, फिर भी इन्हें सूची में डालना संदेह पैदा करता है। हमें चुनाव पर्यवेक्षक की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।”
माले राज्य सचिव ने आरोप लगाया कि इस तरह के निर्णय से दलित-गरीब और कमजोर समुदाय के मतदाताओं में भय का माहौल पैदा किया जा रहा है। उन्होंने बिहार चुनाव आयोग से तत्काल संज्ञान लेकर इस विसंगति को सुधारने और निर्भीक मतदान की गारंटी करने की मांग की।
कुणाल ने यह भी आरोप लगाया कि भोरे विधानसभा क्षेत्र में जदयू प्रत्याशी के दबाव में प्रशासन माले के कार्यालयों पर छापेमारी कर रहा है और उनके प्रचार अभियान में बाधा डाल रहा है। उन्होंने कहा, “ऐसी कार्रवाइयाँ चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती हैं। हम मांग करते हैं कि इन कार्रवाइयों पर तत्काल रोक लगाई जाए और सभी दलों को समान अवसर दिया जाए।”(PNS)




