
PNS Bureau:- भारत ने पश्चिमी सीमा क्षेत्र में पाकिस्तान की सीमा के नज़दीक एक विशाल 12-दिवसीय त्रि-सेना युद्धाभ्यास ‘एक्सरसाइज त्रिशूल’ (Exercise Trishul) की शुरुआत की है। इस अभ्यास में भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना संयुक्त रूप से भाग ले रही हैं, जिसका उद्देश्य हवाई, स्थलीय और समुद्री क्षेत्रों में समन्वित सैन्य तत्परता की परीक्षा लेना है।
‘त्रिशूलं समन्वयस्य बलम्’ — अर्थात् “त्रिशूल एकता की शक्ति का प्रतीक है” — इस भाव को साकार करते हुए यह अभ्यास तीनों सेनाओं के बीच संपूर्ण तालमेल और संयुक्त अभियान क्षमता (Jointness & Interoperability) को और सशक्त बनाता है।
अभ्यास के दौरान राफेल लड़ाकू विमानों से लेकर नौसेना के युद्धपोतों तक का उपयोग किया जा रहा है, जो ‘पोस्ट-सिंदूर’ संयुक्त युद्ध तत्परता को परखने का हिस्सा है। यह युद्धाभ्यास भारत की त्रि-सेना समेकन (Tri-Services Synergy) की दिशा में एक और बड़ा कदम है, जिसमें विभिन्न भूभागों और मिशन परिदृश्यों में संयुक्त अभियानों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एक्सरसाइज त्रिशूल भारत की सीमाओं की रक्षा के प्रति दृढ़ संकल्प और “JAI” – Jointness, Atmanirbharta और Innovation की भावना को अभिव्यक्त करता है। यह अभ्यास भारतीय सशस्त्र बलों की तकनीक-सक्षम और भविष्य के लिए तैयार (Tech-Enabled & Future Ready Force) बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
👉 यह युद्धाभ्यास भारत की सैन्य रणनीति में आत्मनिर्भरता, नवाचार और संयुक्त शक्ति के नए युग की घोषणा करता है।(PNS)




