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महिलाओं के लिए बड़ी राहत! इस राज्य में हर महीने मिलेगी पीरियड लीव, सरकार का ऐतिहासिक फैसला

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार ने कामकाजी महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है. मामले में महिलाओं को मासिक वेतन सहित मासिक धर्म अवकाश देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया. मंत्री एचके पाटिल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह अवकाश सरकारी कार्यालयों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी), आईटी, और निजी औद्योगिक क्षेत्रों में लागू होगा.

इस पहल के संबंध में राज्य के श्रम मंत्री संतोष लाड ने कहा कि सरकार पिछले एक साल से इस नियम को लागू करने की कोशिश कर रही थी. उन्होंने कहा कि महिलाएं कई तरह के काम करती हैं. घर के काम के साथ-साथ उन्हें बच्चों की देखभाल भी करनी होती है. मासिक धर्म के दौरान उन्हें मानसिक तनाव भी होता है.

इसलिए, मासिक धर्म अवकाश के प्रावधान की समीक्षा के लिए एक समिति बनाई गई थी. इसके संबंध में समिति ने सिफारिश की थी कि 6 दिन का अवकाश दिया जाना चाहिए. हालांकि, सरकार ने सालाना 12 दिन का अवकाश देने का फैसला किया है. श्रम मंत्री ने कहा कि यह योजना सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में लागू होगी.

1992 में हुई थी शुरूआत

देश में मासिक धर्म अवकाश की शुरुआत सबसे पहले 1992 में बिहार में हुई थी. बिहार देश का पहला राज्य है जिसने मासिक धर्म अवकाश की शुरुआत की. यहां हर महीने दो दिन का मासिक धर्म अवकाश दिया जाता है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और केरल जैसे राज्य भी कुछ प्रतिबंधों के साथ महिलाओं को मासिक धर्म अवकाश देते करते हैं.

बैठक में मंत्रिमंडल के अन्य फैसले

  • 2025-26 के लिए उर्वरक स्टॉक के लिए 200 करोड़ रुपये की मंजूरी.
  • 200 करोड़ रुपये के ऋण के लिए पूंजी गारंटी प्रदान करने को मंजूरी.
  • वाटरशेड विकास इकाई, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना. 15 तालुकों में 90 करोड़ रुपये की लागत से 15 अतिरिक्त परियोजनाएं क्रियान्वित की गईं.
  • राज्य सिविल सेवा पदों पर सीधी भर्ती में सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट देने के लिए 29.09.2025 को जारी आदेश को पूर्वव्यापी स्वीकृति.
  • बेंगलुरु उत्तर तालुका के माचोहल्ली गांव के आरक्षित वन क्षेत्र के सर्वेक्षण संख्या 81 में कुल 78 एकड़ वन क्षेत्र दिनांक 06.01.19640 को राजस्व विभाग को जारी किया गया था. इसके जवाब में, राजस्व विभाग ने दिनांक 18.12.2017 के अपने आदेश में उक्त भूमि विभिन्न संस्थाओं को आवंटित कर दी थी. उक्त आदेशों को वापस लेने पर चर्चा.
  • कैबिनेट ने 5वें राज्य वित्त आयोग के कार्यकाल को विस्तार देने को मंजूरी दी, नवंबर तक बढ़ाया गया कार्यकाल.
  • पुलिस कंप्यूटर प्रभाग द्वारा उपकरणों की खरीद और केंद्रीय प्रायोजित आईसीजेएस-2.0 (इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम 2.0) परियोजना के तहत प्रशिक्षण और अन्य गतिविधियों के लिए 89.22 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति केंद्रीय मंत्रालय द्वारा स्वीकृत की गई.
  • कर्नाटक भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों की शैक्षिक उन्नति के लिए दूसरे चरण में 405.55 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 11 आवासीय विद्यालय स्थापित करने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है.
  • कर्नाटक श्रम कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक, 2025 को मंजूरी दी गई.
  • 2000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पुल पुनर्निर्माण और नवीकरण कार्य शुरू करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी.
  • प्रथम चरण में 1000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पीआरएएमसी अध्ययन में चिन्हित 39 प्रमुख पुलों के निर्माण/निर्माण कार्य शुरू करने के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है.
  • बीदर जिले के औराद (बी) नगर पंचायत द्वारा ‘औराद नगर पालिका’ के गठन को मंजूरी.
  • मंत्रिमंडल ने चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा कनकपुरा में एक नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी दी.
  • स्वायत्त दर्जे के साथ 150 एमबीबीएस की प्रवेश सीमा के साथ शुरू करने की मंजूरी.
  • मेडिकल कॉलेज भवन, 300 बिस्तरों वाले शिक्षण अस्पताल, छात्रावास और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए 550.00 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.

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