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नासा ने पेश की अपनी नई ‘एस्ट्रोनॉट क्लास ऑफ 2025’; दो वर्षों के कठोर प्रशिक्षण के बाद उड़ान के लिए होंगी पात्र

PNS Bureau;- [Astronaut Candidates Get to Work at Johnson Space Center]


🧭 दो वर्षों का गहन और बहुआयामी प्रशिक्षण

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत व्यापक और चुनौतीपूर्ण है। इसमें उम्मीदवारों को न केवल नासा के इतिहास, दृष्टिकोण और मिशन लक्ष्यों के बारे में सिखाया जाएगा, बल्कि वे स्पेस हेल्थ, माइक्रोग्रैविटी के प्रभाव, अंतरिक्ष पोषण, और विकिरण (Radiation) से सुरक्षा के विषयों पर भी अध्ययन करेंगे।

उम्मीदवारों को फर्स्ट एड, मेडिकल सहायता, अंतरिक्ष उपकरणों के उपयोग तथा अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर उपयोग किए जाने वाले व्यायाम उपकरणों का अभ्यास कराया जाएगा। साथ ही, वे टी-38 सुपरसोनिक जेट और अन्य विमानन प्लेटफ़ॉर्म्स पर उड़ान प्रशिक्षण भी प्राप्त करेंगे, जिससे उनके पायलटिंग कौशल को और निखारा जाएगा।


🌌 ISS से लेकर चंद्रमा और मंगल तक की तैयारी

यह नया समूह ऐसे समय में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है जब ISS मानव उपस्थिति के 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है। कुछ उम्मीदवार भविष्य में अंतरिक्ष स्टेशन पर वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी परीक्षणों में भाग ले सकते हैं, जबकि अन्य आर्टेमिस मिशन के तहत चंद्रमा और मंगल की यात्रा की तैयारी करेंगे।

इसके लिए उम्मीदवारों को डीप स्पेस (Deep Space) मिशनों हेतु भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें वे आपातकालीन स्थितियों से निपटने, यान मरम्मत, और स्पेसवॉक (EVA) जैसी जटिल परिस्थितियों का अनुकरण (simulation) करेंगे।


🤖 रोबोटिक्स, सर्वाइवल और भूविज्ञान का प्रशिक्षण

नए एस्ट्रोनॉट्स को कनाडार्म2 (Canadarm2) रोबोटिक आर्म का संचालन सिखाया जाएगा। वे जंगल और जल में जीवित रहने (Land & Water Survival) के प्रशिक्षण से भी गुजरेंगे। साथ ही, उन्हें भूविज्ञान (Geology) की क्लासरूम और फील्ड ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे चंद्रमा या मंगल जैसी जगहों की सतह पर वैज्ञानिक कार्यों के लिए तैयार हो सकें।

न्यूट्रल बॉयेंसी लेबोरेटरी में गोताखोरी अभ्यास के माध्यम से उन्हें माइक्रोग्रैविटी में काम करने की क्षमता विकसित कराई जाएगी।


🛰️ मिशन कंट्रोल से लेकर वास्तविक उड़ान तक का अनुभव

उम्मीदवार ह्यूस्टन के मिशन कंट्रोल सेंटर में शिफ्ट ड्यूटी करेंगे ताकि वे यह समझ सकें कि पृथ्वी से अंतरिक्ष अभियानों को कैसे नियंत्रित किया जाता है।

नासा के वरिष्ठ एस्ट्रोनॉट अनिल मेनन (क्लास ऑफ 2021) ने कहा —

“ट्रेनिंग इतनी तीव्र और सहयोगात्मक होती है कि हम एक-दूसरे को गहराई से जान जाते हैं। यही टीम भावना हमें भविष्य की चुनौतियों में सर्वश्रेष्ठ बनाती है।”


👩‍🚀 “अंतरिक्ष अन्वेषण की विरासत को आगे बढ़ाना”

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उम्मीदवार “NASA Astronaut Corps” के आधिकारिक सदस्य बन जाएंगे और उन्हें भविष्य के उड़ान मिशनों या ज़मीनी समर्थन कार्यों में शामिल किया जाएगा।

वरिष्ठ एस्ट्रोनॉट फ्रैंक रुबियो ने नए समूह से कहा —

“आप उन लोगों की विरासत का हिस्सा बनेंगे जिन्होंने आपसे पहले प्रशिक्षण लिया था। आप उस यात्रा को आगे बढ़ाएंगे जो उन्होंने शुरू की थी — मानवता के अगले अध्याय की ओर।”


🌠 संक्षेप में

नासा की यह नई “क्लास ऑफ 2025” उस दौर का प्रतीक है जब मानव जाति पृथ्वी की सीमाओं से आगे बढ़कर गहरे अंतरिक्ष (Deep Space) की खोज के सपने को साकार करने के लिए तैयार है।


क्या आप चाहेंगे कि मैं इस लेख का छात्रों या विज्ञान-पत्रिका पाठकों के लिए सरल भाषा में संस्करण (जैसे “कैसे बनते हैं नासा के एस्ट्रोनॉट”) भी तैयार कर दूँ?

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