
“छात्रों के हित हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, सभी समस्याओं का होगा समाधान” — श्री धर्मेंद्र प्रधान
PNS,नई दिल्ली, 28 मई 2026
केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज नई दिल्ली स्थित CBSE मुख्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में CBSE कक्षा 12वीं परीक्षा के मूल्यांकन एवं परीक्षा परिणाम के बाद की प्रक्रियाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री संजय कुमार, CBSE अध्यक्ष श्री राहुल सिंह, IIT मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटी, IIT कानपुर के निदेशक, शिक्षा मंत्रालय एवं केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) के वरिष्ठ अधिकारी तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों SBI, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रों को आने वाली समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और छात्रहितैषी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र-केंद्रित परीक्षा प्रणाली के लिए प्रतिबद्ध है तथा छात्रों एवं अभिभावकों की सभी वास्तविक चिंताओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।
श्री प्रधान ने पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए छात्र सहायता प्रणाली को मजबूत करने, मूल्यांकन एवं मॉनिटरिंग ढांचे को बेहतर बनाने, CBSE के डिजिटल प्लेटफॉर्म को सुदृढ़ करने तथा परीक्षा संबंधी सेवाओं को अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
बैठक में जानकारी दी गई कि इस वर्ष लगभग 18 लाख छात्रों ने कक्षा 12वीं की परीक्षा दी। इसके अंतर्गत लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं और करीब 40 करोड़ स्कैन किए गए पृष्ठ शामिल थे। अब तक लगभग 4 लाख छात्र पोर्टल के माध्यम से करीब 11 लाख स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं देख चुके हैं।
केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि छात्रों का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में पोस्ट-एग्जामिनेशन सर्विस पोर्टल पर लॉगिन संबंधी समस्याएं, सर्वर पर अधिक लोड तथा भुगतान प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों पर भी चर्चा हुई।
इन समस्याओं के समाधान हेतु IIT मद्रास के प्रोफेसरों एवं डिजिटल सिस्टम विशेषज्ञों की एक तकनीकी टीम गठित की गई है, जो पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता, लॉगिन प्रबंधन एवं पेमेंट गेटवे इंटीग्रेशन की समीक्षा करेगी, ताकि छात्रों को निर्बाध और सुचारु सेवाएं मिल सकें।
शिक्षा मंत्रालय पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।




