ब्रेकिंग
चमेली ओड़ा को न्याय दिलाने की मांग पर 17 जून को केंद्रापाड़ा जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेगा यु... विश्व पर्यावरण दिवस पर IWWA ओडिशा सेंटर का वृक्षारोपण अभियान, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का बड़ा फैसला: चावल मिलिंग शुल्क दोगुना, किसानों से धान खरीद होगी और सुचार... ओडिशा और जापान के तोत्तोरी प्रांत के बीच मैत्री समझौते पर चर्चा, आर्थिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को मिले... नीट (यूजी) 2026 पुनर्परीक्षा की तैयारियों की मुख्य सचिव ने की समीक्षा, जिलाधिकारियों को दिए आवश्यक न... इजरायली स्टार्टअप ‘शिफ्टर्स’ ने जुटाए 1.02 करोड़ डॉलर, एआई-संचालित स्वायत्त रोबोटिक टीमों के विकास क... ईएसआईसी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीबीएस, बीडीएस और बी.एससी. नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश ... अफ्रीका में इबोला से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता: दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामाफो... जापानी फ्रूट सैंडो बना रहा है गर्मियों को खास, स्वाद के साथ कला का अनोखा संगम कैंसर केवल शारीरिक नहीं, मानसिक और भावनात्मक चुनौती भी: मरीजों और देखभालकर्ताओं के लिए व्यापक सहयोग ...
देश

उपराष्ट्रपति ने श्रीकाकुलम जिले के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई दुखद भगदड़ पर गहरा दुख व्यक्त किया

PNS Bureau:-श्री वी.पी. श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने में हुई दर्दनाक टक्कर-भीड़ (stampede) पर गहरी संवेदना प्रकट की है। उन्होंने मृतकों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।


पृष्ठभूमि एवं वर्तमान स्थिति

  • यह हादसा श्रुतियों के पवित्र दिन ‘कार्तिका एकादशी’ के अवसर पर हुआ, जब मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त इकट्ठा हुए।
  • प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, मंदिर परिसर के कतार प्रबंधन (queue management) की प्रणाली ओवर-लोड हो गई और एक लोहे की ग्रिल (railing / queue barrier) टूटने के बाद भगदड़ मच गई।
  • मृतकों की संख्या कम-से-कम नौ बताई गई है, जिसमें अधिकांश महिलाएं और एक बालक शामिल हैं; कई अन्य लोग زخ्मी और सदमा ग्रस्त स्थिति में अस्पतालों में भर्ती हैं।
  • हादसे के बाद राज्य सरकार व जिला प्रशासन राहत कार्य चला रहे हैं, घायलों का इलाज हो रहा है, तथा केंद्र सरकार की ओर से मृतकों के आश्रितों के लिए मुआवजे की घोषणा की गई है।

प्रतिक्रिया और आगे की चुनौतियाँ

  • उपराष्ट्रपति ने घटना को “अत्यंत दुःखद” बताया और प्रभावित परिवारों के साथ अपनी संवेदनाएँ साझा कीं।
  • इसके साथ ही यह सवाल उठा है कि बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों के लिए पर्याप्त भीड़ नियंत्रण (crowd control) व सुरक्षा उपाय क्यों नहीं अपनाए गए थे।
  • आगे की जांच की संभावना जताई गई है कि समस्या कतार व्यवस्था (railing / barrier strength), मंदिर प्रबंधन की योजना-करण और सरकारी मंजूरी-प्रक्रिया से जुड़ी हो सकती है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button